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हरिद्वार के रहमतपुर गांव में शिव मंदिर की जमीन कब्जा मुक्त, 30 साल बाद अवैध कब्जे से मुक्त, ग्रामीणों में खुशी की लहर

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आरिफ हिंदुस्तानी

उत्तराखंड पिरान कलियर : रहमतपुर गांव में स्थित शिव मंदिर की जमीन लगभग 25–30 साल बाद अवैध कब्जे से मुक्त हो गई। बुधवार को चकबंदी विभाग और पुलिस प्रशासन की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची और पैमाइश कर जमीन को कब्जा मुक्त कराया। कार्रवाई के बाद गांव में खुशी का माहौल देखने को मिला।

जानकारी के अनुसार, 27 सितंबर 2025 को भी शिव मंदिर की जमीन की पैमाइश ग्रामीणों की मौजूदगी में की गई थी, लेकिन कब्जाधारी पक्ष ने जमीन छोड़ने से इनकार कर दिया था। इसके बाद गांव के लोगों ने लगातार प्रशासन से कार्रवाई की मांग उठाई। श्याम सुंदर गिरी ने सहायक चकबंदी अधिकारी को प्रार्थना पत्र दिया था, लेकिन तब भी कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

बाद में रविंद्र गिरी द्वारा लोक अदालत में प्रार्थना पत्र दिया गया इसके चलते रविंद्र गिरी को कई तरह के प्रलोभन भी दिए गए लेकिन वह अपनी जगह अडीग रहे  , जिसके चलते तत्काल आदेश जारी हुए कि मंदिर की भूमि को भूमि माफियाओं से मुक्त कराया जाए। आदेश के बाद कब्जाधारियों को नोटिस जारी किया गया।

बुधवार को जिलाधिकारी व उप जिलाधिकारी महोदय के आदेशानुसार चकबंदी विभाग व पुलिस टीम रहमतपुर गांव पहुंचे और विधिवत पैमाइश के बाद जमीन को कब्जा मुक्त कर दिया। मंदिर समिति ने पहले ही मांग की थी कि निशानदेही पुलिस की मौजूदगी में की जाए ताकि किसी भी तरह की बाधा न आए।

कार्रवाई के दौरान कानूनगो, पुलिस टीम, लेखपाल के साथ-साथ सैकड़ों ग्रामीण मौजूद रहे। ग्रामीणों और रविंदर गिरी ने कहा कि शिव मंदिर की प्राचीन जमीन को मुक्त कराने के लिए वे लंबे समय से प्रयासरत थे और अब जाकर उनकी वर्षों पुरानी मांग पूरी हुई।

रविंद्र गिरी जो इस केस में मुख्य भूमिका निभा रहे थे ने आगे बताया कि मंदिर प्रांगण में कुछ लोगों द्वारा अवैध अतिक्रमण किया गया है, जिसके संबंध में ग्रामीणों ने जिलाधिकारी और उपजिलाधिकारी को कई बार प्रार्थना पत्र सौंपे हैं। रविंद्र गिरी और सभी ग्रामीण शासन-प्रशासन से मांग कर रहे हैं कि शिवालय के नाम से मुस्कतकम में दर्ज शिव मंदिर की शेष जमीन से भी अवैध अतिक्रमण हटाया जाए, ताकि मंदिर परिसर को पूरी तरह अतिक्रमण-मुक्त किया जा सके।

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